संन्यासी विद्रोह :-
कारण- (१)अकाल के समय में भी अंग्रेजों ने जमीदारों को आवश्यकता से अधिक कर वसूलने को कहा गया
(२) जमीदारी व्यवस्था समाप्त हो गए और सन्यासी जमीदारों पर आश्रित थे
किसान सन्यासी जमीदार सबने मिलकर अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह कर दिया
वर्ष 1763 से 1800 के बीच
नेतृत्वकर्ता-देवी चौधरानी, भवानी पाठक, मूसा शाह, चिराग़ अली, मजनूम शाह
फ़क़ीर – संन्यासी विद्रोह भी कहा जाता है।
बंकिम चन्द्र चटर्जी की पुस्तक आनंदमठ का आधार यही विद्रोह था।
देवी चौधरानी (बुक)
हिंदुओ और मुसलमानों दोनों ने भाग लिया ।संन्यासी विद्रोह में पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया देवी चौधरानी ने इसका नेतृत्व किया।
‘वंदे मातरम गीत बंकिमचंद्र चटर्जी की प्रसिद्ध कृति ‘आनंदमठ’ से लिया गया है। इस उपन्यास का कथानक संन्यासी विद्रोह पर आधारित है। 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इसे पहली बार गाया गया था।
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