सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

लसोड़िया आंदोलन

लसोड़िया आंदोलन

लसोड़िया आंदोलन” का क्षेत्र :- राजस्थान

नेतृत्व करता :- (1).गोविंद गिरि, (2)सुर्जी भगत

19वीं सदी के उत्तरार्ध में सुर्जी भगत एवं गोविंद गिरि नामक समाज सुधारकों ने राजस्थान की मेवाड़,
डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही, पाली इत्यादि रियासतों में बसी भील जनजाति में सामाजिक
सुधारों के प्रयास किए। गोविंद गिरि ने भीलों को संगठित करने के उद्देश्य से 1883 ई. में ‘सम्प सभा' की स्थापना की थी। गोविंद गिरि को लसोड़िया आंदोलन का प्रवर्तक माना जाता है।

“मानगढ़ नरसंहार :-

मानगढ़ नरसंहार की घटना राजस्थान से संबंधित है।
मानगढ़ नरसंहार 17 नवम्बर वर्ष 1913 का है।मानगढ़
नरसंहार मै भील जनजाति के लगभग 1500 से अधिक लोग मारे गए थे इसे आदिवासी जलियाँवाला के नाम से जाना जाता है। 
__________________________________________
महत्वपूर्ण प्रश्न :-

 1. मेवाड़, बागड़ और पास के क्षेत्रों के भीलों में सामाजिक सुधार के िलए 'लसोड़िया
आंदोलन' का सूत्रपात किसने किया?
(a) भागीरथ माँझी
(b) गोविंद गिरि
(c) सिदो मूर्मू
(d) सुरेंद्र साई
उत्तर (b) गोविंद गिरि

2. “लसोड़िया आंदोलन” का क्षेत्र था -
(a) मध्य प्रदेश
(b) बिहार
(c) राजस्थान
(d) महाराष्ट्र
उत्तर-(C)

3. लसोड़िया आंदोलन से संबंधित निम्निलखित कथनों पर विचार कर सत्य कथन का चयन कीजिए-
1. लसोड़िया आं दोलन भील जनजाति मेंसुधार सेसंबंधित है।
2. लसोड़िया आं दोलन शराब सेवन के विरोध मेंथा।
3. लसोड़िया आं दोलन नेअग्नि पूजा का समर्थन किया।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर उत्तर चुनिए ?
(a) 1,2 तथा 3
(b) 2 तथा 3
(c) 1 तथा 2
(d) 1 तथा 3
उत्तर-(A)
लसोड़िया आं दोलन भील जनजाति मेंसुधार सेसंबंधित है।लसोड़िया आं दोलन शराब सेवन के विरोध में
था।लसोड़िया आं दोलन नेअग्नि पूजा का समर्थन किया।

5. “मानगढ़ नरसंहार” संबंधित है-
(a) संथाल जनजाति से
(b) मुंडा जनजाति से
(c) भील जनजाति से
(d) हो जनजाति से
उत्तर-(C) भील जनजाति से

5. मानगढ़ नरसंहार से संबंधित निम्निलखित कथनों पर विचार कर सत्य कथन का चयन कीजिए-
1. मानगढ़ नरसंहार की घटना पंजाब सेसंबंधित है।
2. मानगढ़ नरसंहार 17 नवम्बर वर्ष 1913 का है।
3. मानगढ़ नरसंहार को आदिवासी जलियाँवाला के नाम सेजाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर उत्तर चुनिए ?
(a) 1 तथा 3
(b) 2 तथा 3
(c) 1 तथा 2
(d) 1,2 तथा 3
उत्तर-(B)
मानगढ़ नरसंहार की घटना राजस्थान सेसंबंधित है।मानगढ़ नरसंहार 17 नवम्बर वर्ष 1913 का है।मानगढ़
नरसंहार को आदिवासी जलियाँवाला के नाम सेजाना जाता है।

By :- lbsnaa jeet 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

खिलजी वंश

कैकूबाद कैकूबाद तुर्क वंश का दिल्ली का सुलतान था। वह गयासुद्दीन बलबन का पौत्र था जो उसकी मृत्यु के पश्चात् 1286 ई. में 18 वर्ष की अवस्था में दिल्ली का सुलतान बना। विलासी होने के कारण वह शीघ्र ही दरबार के षड्यंत्रों का शिकार हुआ। 1288 ई. में जलालुद्दीन खिलजी ने उसकी हत्या कर गद्दी पर अधिकार कर लिया। खिलजी वंश(1290 ई.- 1320 ई.) : इतिहासकार ‘निज़ामुद्दीन अहमद’ ने ख़िलजी को चंगेज़ ख़ाँ का दामाद और कुलीन ख़ाँ का वंशज, ‘बरनी’ ने उसे तुर्कों से अलग एवं ‘फ़खरुद्दीन’ ने ख़िलजियों को तुर्कों की 64 जातियों में से एक बताया है। फ़खरुद्दीन के मत का अधिकांश विद्वानों ने समर्थन किया है। ‘फरुखदीन लिखित “तारीख-ए-फखरूदीन मुबारकशाही’ के अनुसार खिलजी वंश के सुल्तानों के पूर्वज तुर्की थे। अफगानिस्तान के हेलमन्द नदी की घाटी के प्रदेश को ‘खलजी’ के नाम से पुकारा जाता था। जो जातियां उस प्रदेश में बस गई उन्हें खलजी पुकारा जाने लगा। जलालुद्दीन के वंशज 200 वर्षों से भी अधिक उस प्रदेश में रहे उनके रहन सहन, रीति-रिवाज अफगानों की भांति हो गये और भारत में उन्हें अफगान समझा जाने लगा परन्तु खिलजी वंश...

उलगुलान विद्रोह 1899 से 1900

उलगुलान विद्रोह अथवा  बिरसा मुंडा उलगुलान विद्रोह 1899 से 1900 के बीच हुआ। नेतृत्व करता बिरसा मुंडा क्षेत्र - छोटा नागपुर (झारखंड - रांची खूंटी) पृष्ठभूमि  अंग्रेजों ने अंग्रेजों ने मुंडाओं की सूट कटिंग व्यवस्था को समाप्त कर जमीदारी व्यवस्था लागू कर दिया कर की दरें अधिक होने के कारण  मुंडाओं ने ईसाई मिशनरी से सहायता मांगी परंतु परंतु उन्हें धर्म परिवर्तन करने को कहा गया धर्म परिवर्तन करने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ। 1895 में बिरसा मुंडा ने ईश्वर के दर्शन का दावा किया तथा 1895 में बिरसायित संप्रदाय की स्थापना की। 1895 में बिरसा मुंडा को गिरफ्तार कर 2 वर्ष की सजा दी गई। 1898 में जेल से रिहा होने के बाद 1899 में 6- 7 हजार मुंडाओं ने दीकू और अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह कर दिया। 3 मार्च उन्नीस सौ को बिरसा मुंडा को गिरफ्तार कर उलगुलान विद्रोह का अंग्रेजों द्वारा दमन कर दिया गया 9 जून उन्नीस सौ को बिरसा मुंडा की मृत्यु हो गई। विद्रोह का लाभ छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 लागू किया गया (१) खूट खटी व्यवस्था को स्वीकार आ गया। (२) आदिवासी भूमिका स्थानांतरण गैर आदिवासी ...