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भारत का निर्वाचन आयोग Election Commission of India


भारत का निर्वाचन आयोग  :- 
भाग-15
अनुच्छेद 324-329
324- निर्वाचन आयोग

निम्नलिखित चुनाव का आयोजन करता है-
1.राष्ट्रपति
2.उप राष्ट्रपति
3.लोकसभा
4.राज्यसभा
5.विधान सभा
6.विधान परिषद
वार्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त- राजीव कुमार
अन्य निर्वाचन आयुक्त- अरुण गोयल, अनूप चंद्र
प्रथम निर्वाचन आयुक्त- सुकुमार सेन

संरचना

1950-89 एक सदस्यीय निर्वाचन आयोग
Dec1989 - otc 1989 (1+2) बहु सदस्यीय
1900-1993 एक सदस्यीय
1993- वार्तमान बहु सदस्यीय

निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक प्राधिकरण है।

भारतीय संविधान के अनु. 324 के तहत संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति पदों के
निर्वाचनों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण के लिए निर्वाचन आयोग का प्रावधान किया गया है।

संविधान के अनुच्छेद 324(2) में प्रावधान है कि भारत का निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने अन्य निर्वाचन आयुक्तों से मिलकर बनेगा ।

भारत के निर्वाचन आयोग नियुक्ति

भारतीय संविधान के अनु 324 (2) के अनुसार, भारत के निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त तथा
अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाई गई विधि के अधीन राष्ट्रपति  द्वारा की जाती है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की शक्तियाँ व वेतन भत्ते

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की शक्तियाँ व वेतन और भत्ते भी एकसमान होते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्तों का 
वेतन भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान है।

भारत के निर्वाचन आयोग के कार्य 

 संविधान के अनुच्छेद 324 के खंड (1) के अनुसार इस संविधान के अधीन संसद और प्रत्येक राज्य के 
विधानमंडल के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों हेतु
निर्वाचक नामावली तैयार कराने और उन सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण
एक आयोग में निहित होगा, जिसे इस संविधान में निर्वाचन आयोग कहा गया है।

भारत का निर्वाचन आयोग भारत में राजनीतिक दलों को मान्यता प्रदान करता है। चुनाव चिह्न (आरक्षण व
आवंटन) आदेश, 1968 में संशोधन के अनुसार, किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तरीय या
क्षेत्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करता है और उन्हें चुनाव चिह्न भी आवंटित करता है। भारतीय संविधान के
अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित है।

निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल

मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु जो भी पहले हो तक होता है। 


मुख्य चुनाव आयुक्त को पदच्युत (हटाना) 

मुख्य चुनाव आयुक्त को उन्हीं तरीकों से हटाया जा सकता है, जो अनु,124(4) में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने के लिए वर्णित है। साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर हटाये जाने के लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा समर्थित समावेदन, जो उसी सत्र में राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित
कर दिया गया हो द्वारा ही हटाया जा सकता है। जबकि निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परामर्श पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
तथा त्यागपत्र- राष्ट्रपति को दे सकता है

राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय स्तर  का प्राप्त करने हेतु शर्ते-
(१) 4 राज्य में राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा
(२) लोकसभा की 2% सीट जीत लेता है ( तीन अलग अलग राज्यो से) 
(३) लोकसभा में 6% बोट तथा लोकसभा में 4 सीट हासिल
(४) राज सभा मे 6% बोट तथा लोकसभा में 4 सीट हासिल

राजनीतिक दलों को राज्य स्तर 
(१) लोकसभा चुनाव में 6% तथा लोकसभा में 1 सीट हासिल
(२) विधानसभा चुनाव में 6% तथा विधानसभा में 2 सीट हासिल
(३) लोकसभा में 8% वोट या विधानसभा में 8% वोट
(४) विधानसभा में 3% अथवा 3 सीट मिल जाए

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प्रश्न 1. भारत के निर्वाचन आयोग के संदर्भ में निम्निलखित कथनों का मूल्याँकन करें -

I.संविधान में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि निर्वाचन आयोग के सदस्यों की पदाविध कितनी है। 
II.संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों की अर्हताएँ निर्धारित की गयी हैं। 
निम्निलखित में से सही विकल्प का चयन करें -
(a)के वल कथन I सही है
(b)के वल कथन II सही है
(c)कथन I और II दोनों सही हैं
(d)उपरोक्त में से कोई सही नहीं है

उत्तर : Answer : (a)
Explanation : संविधान में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि निर्वाचन  आयोग के सदस्यों की पदाविध कितनी है। संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों की अर्हताएँ निर्धारित नहीं की गयी हैं। 

प्रश्न 2. भारत के निर्वाचन आयोग के संदर्भ में निम्न कथनों का मूल्यांकन कीजिए-
1. निर्वाचन आयुक्तों का वेतन-भत्ता भारत की संचित निधि पर भारित है।
2. निर्वाचन आयुक्तों की अर्हता की व्याख्या निर्वाचन आयोग अधिनियम, 1991 द्वारा की गई है।
3. निर्वाचन आयुक्तों की पुनर्नियुक्ति पर रोक लगायी गई है।
नीचे दिए हुए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए-इनमें सेकौन-कौन से कथन सही है? 
(a) 1 और 2
(b) 1 और 3
(c) 2 और 3
(d) कोई नहीं

उत्तर-(d)
निर्वाचन आयुक्तों का वेतन-भत्ता भारत की संचित निधि पर भारित नहीं है।निर्वाचन आयुक्तों की अर्हता
की व्याख्या निर्वाचन आयोग अधिनियम, 1991 द्वारा नहीं की गई है।निर्वाचन आयुक्तों की पुनर्नियुक्ति
पर रोक नहीं लगायी गई है।

प्रश्न 3. निनम्निलखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. भारत का निर्वाचन आयोग पांच-सदस्यीय निकाय है।
2. संघ का गृह मंत्रालय, आम चुनाव और उप चुनावों दोनों के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करता है।
3. निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों की मान्यता से संबंधित विवाद निपटाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) के वल 1 और 2
(b) के वल 2
(c) के वल 2 और 3
(d) के वल 3

उत्तर-(d)
वर्तमान में भारत का निर्वाचन आयोग एक तीन सदस्यीय निकाय है जिसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त
तथा दो निर्वाचन आयुक्त होते हैं। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्य विधायिका तथा संसद के चुनावों के
अधीक्षण निदेशन तथा नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में है। इस प्रकार आम चुनाव और उप चुनावों
के लिए चुनाव कार्यक्रम निर्वाचन आयोग तय करता है, न कि गृह मंत्रालय इसके अलावा निर्वाचन आयोग
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन/विलय सेसंबंधित विवाद भी निपटाता है।

प्रश्न 5.निम्न में किसका संबंध चुनाव आयोग से नहीं है?
(a) चुनाव की अधिसूचना जारी करना
(b) चुनाव चिह्न का बंटवारा करना
(c) निर्वाचन की तिथियों का निर्धारण करना
(d) चुनाव शांतिपूर्णढंग सेसंपन्न कराना

उत्तर-(a)
निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर चुनाव की अधिसूचना लोक सभा एवं राज्य सभा के लिए राष्ट्रपति तथा
विधानसभा और विधान परिषद के लिए संबंधित राज्य का राज्यपाल जारी करता है।

प्रश्न 5.भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद लोक सभा एवं विधानसभा के प्रितिनिधयों
को निर्वािचत करने अर्थात सार्वभौमिक  वयस्क मतािधकार का अिधकार प्रदान करता है?
(a) अनुच्छेद 326
(b) अनुच्छेद 315
(c) अनुच्छेद 324
(d) अनुच्छेद 300 ‘A’

उत्तर-(a)
भारतीय संविधान के भाग 15 के अंतर्गत अनुच्छेद 326 के तहत लोकसभा और प्रत्येक राज्य की
विधानसभा के लिए निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर किए जानेका प्रावधान किया गया है।


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